सोमवार, 4 मई 2009

यह सिन्दौरा मेरा है .
मैं इसी के साथ यहाँ आई थी
कहा गया था की बहुत संभालना है इसे मुझे
सिर से लगाकर ही पीना है पानी
और फिर छूने हैं सबके चरण
य भी कहा की दीवारों के भीतर तक है मेरा घर
कहते थे की अब मैं बड़ी हूँ और जिम्मेदार भी
मैं भी रखती थी सिन्दौरा बक्से में और लगाती थी एक ताला उसमें
लेकिन अचानक कल कुछ हुआ
एक मेरे गौरेया आँगन में आई
और मेरी पलकों पर सोये गीत ले भागी
मैं भागी उसके पीछे और भूल आई ताला वहीँ पर
अब बक्सा खुला है .
कोई क्या चुराएगा ! क्या मेरा सिन्दौरा ?
अगर चुरा भी ले गया
तो क्या ले जायेगा
!
मैं अपने गीत वापस मांग लाइ हूँ उस गौरेया से !!

18 टिप्‍पणियां:

  1. गीतों और संगीत के साथ-साथ साहित्‍य की दीवानगी आपको ब्‍लॉग तक खींच लाई, अच्‍छा लगा ।

    उत्तर देंहटाएं
  2. इस गीत को अब खोने मत दीजियेगा।
    शुभकामनाये

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत खूब प्रज्ञा जी, बधाई। कहीं कहीं शब्दों की जो गलतियाँ है, नि:संदेह वे हिन्दी टाइपिंग के चलते होंगी। उम्मीद करता हूँ, धीरे-धीरे ऐसी गलतियाँ अपने आप दूर होती चली जाएँगी। और हाँ, क्मेंट्स बॉक्स से यह वर्ड वैरीफिकेशन का झंझट हटा दें, दुखी करता है कमेंट देने वाले को। इसका कोई लाभ भी नहीं है, उल्टा नुकसान ही है कि लोग कमेंट करने से कतराने लगते हैं।

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत बड़ी ये बात है वापस लाये गीत।
    वक्त सहज कट जायेंगे अगर गीत से प्रीत।।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com
    shyamalsuman@gmail.com

    उत्तर देंहटाएं
  5. कात्यायनी की कविता-पंक्तियां शीर्ष पर रखकर एक मासूम सी कविता अच्छी लगी...
    काश आप उस गौरैया के गीत भी साथ ले आतीं....

    उत्तर देंहटाएं
  6. अरे.....रे.....रे.....रे.....हमारी गौरैया कहाँ गयी भई.....कहीं वही तो आपके पास नहीं आ गयी....??..........उसे जल्दी से लौटाएं प्लीज़..........!!

    उत्तर देंहटाएं
  7. Pragya ji,
    Badhiya kavita hai.asha karta hoon age bhee likhtee rahengee.shubhkamnayen.
    HemantKumar

    उत्तर देंहटाएं
  8. bhawanao ko sahbdo me aapne bahuat hi sundar ukera hai. bahuat bdahi... yoo hi shabdo kee tulikao se rang bharte rahiye...

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

    उत्तर देंहटाएं
  10. आप की रचना प्रशंसा के योग्य है . लिखते रहिये
    चिटठा जगत मैं आप का स्वागत है

    गार्गी

    उत्तर देंहटाएं
  11. Swagat hai,
    Kabhi yahan bhi aayen
    http://jabhi.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  12. sunder rachna ke liye badhai. blog jagat men swagat.

    उत्तर देंहटाएं
  13. BAHOT KHUB BHAV KE SAATH LIKHAA HAI AAPNE YE KAVITA BEHAD UMDA... DAAD KE KAABIL... BADHAAYEE SWIKAAREN..


    ARSH

    उत्तर देंहटाएं
  14. बे्हतरीन रचना के लिये बधाई। यदि शब्द न होते तो एह्सास भी न होता। मेरे ब्लोग पर आपका स्वागत है। लिखते रहें हमारी शुभकामनाएं साथ है।

    उत्तर देंहटाएं
  15. boht bhawpuran kavita...sunder shabdo ke sath...

    उत्तर देंहटाएं
  16. vah geet hi toh hum logo ki jaan hai !!! bachaye rakhna........... !!!!!

    उत्तर देंहटाएं